दिल्ली विश्वविद्यालय की कल्चरल काउंसिल और मोतीलाल नेहरू कॉलेज (इवनिंग) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय अंतर-महाविद्यालय एवं विभागीय फाइन आर्ट्स प्रतियोगिता 8 अक्टूबर को संपन्न हो गई। 6 से 8 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और विभागों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और कलात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करना था।
मोतीलाल नेहरू कॉलेज (इवनिंग) को फाइन आर्ट्स श्रेणी के लिए नोडल सेंटर बनाया गया था। प्रतियोगिता की छह श्रेणियों में गूगल फॉर्म के माध्यम से कुल 310 पंजीकरण प्राप्त हुए। समापन समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
दिल्ली विश्वविद्यालय फाइन आर्ट्स प्रतियोगिता में छह श्रेणियां
दिल्ली विश्वविद्यालय की इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के लिए दृश्य कला से जुड़ी छह प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग, कोलाज मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, रंगोली, पोस्टर मेकिंग और कार्टूनिंग शामिल थीं।
इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता, कलात्मक कौशल और विषयों के प्रति अपनी समझ प्रदर्शित करने का अवसर मिला। विभिन्न कॉलेजों और विभागों के विद्यार्थियों की भागीदारी से कार्यक्रम में रचनात्मक विविधता देखने को मिली।

प्रतियोगिताओं में शामिल रहे विविध विषय
प्रतियोगिताओं के लिए परिवहन एवं संचार के साधन, सांस्कृतिक पर्यटन, मां और बच्चा, भारतीय त्योहार, पर्यावरण संरक्षण और बचपन का एक मजेदार पल जैसे विषय निर्धारित किए गए थे।
विद्यार्थियों ने इन विषयों पर अपनी कलाकृतियां तैयार कीं। विशेषज्ञ निर्णायक मंडल ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। वहीं, तीनों दिनों के दौरान निर्धारित पर्यवेक्षकों ने प्रतियोगिताओं की प्रक्रिया पर निगरानी रखी।
8 अक्टूबर को हुआ पुरस्कार वितरण समारोह
प्रतियोगिता का समापन समारोह और पुरस्कार वितरण 8 अक्टूबर को मोतीलाल नेहरू कॉलेज (इवनिंग) में आयोजित किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय की कल्चरल काउंसिल के अध्यक्ष एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री अनूप लाठर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
दिल्ली विश्वविद्यालय की कल्चरल काउंसिल के डीन प्रो. रविंदर कुमार समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मोतीलाल नेहरू कॉलेज (इवनिंग) के प्राचार्य प्रो. संदीप गर्ग और फाइन आर्ट्स श्रेणी के नोडल अधिकारी श्री देबाशीष पराशर भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता को सराहा
समारोह को संबोधित करते हुए श्री अनूप लाठर ने फाइन आर्ट्स को आनंद, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति का माध्यम बताया। उन्होंने प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की।
प्रो. रविंदर कुमार ने विद्यार्थियों को अपनी विशिष्ट पहचान विकसित करने और रचनात्मक गतिविधियों में सार्थक रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संदीप गर्ग ने आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों, आयोजकों और छात्र स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।

विजेताओं को मिले 5,000 रुपये तक के नकद पुरस्कार
दिल्ली विश्वविद्यालय की फाइन आर्ट्स प्रतियोगिता की सभी छह श्रेणियों में विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार रहा:
- प्रथम पुरस्कार: 5,000 रुपये
- द्वितीय पुरस्कार: 4,000 रुपये
- तृतीय पुरस्कार: 3,000 रुपये
इन पुरस्कारों के माध्यम से विद्यार्थियों की कलात्मक उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विश्वविद्यालय स्तर पर रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ समारोह
पुरस्कार वितरण समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम में वंदे मातरम्, दिल्ली विश्वविद्यालय का कुलगीत, सरस्वती वंदना और शिव तांडव नृत्य की प्रस्तुति दी गई।
इन प्रस्तुतियों ने समारोह में सांस्कृतिक रंग जोड़ा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कल्चरल काउंसिल, कॉलेज प्रशासन, निर्णायक मंडल, पर्यवेक्षकों, शिक्षकों, छात्र स्वयंसेवकों और सहयोगी कर्मचारियों की भूमिका रही।
तीन दिनों तक चली इस प्रतियोगिता के माध्यम से दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और विभागों के विद्यार्थियों को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिला। आयोजन में पेंटिंग, रंगोली, पोस्टर निर्माण, कार्टूनिंग और अन्य कलात्मक विधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की भागीदारी दर्ज की गई।
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