नाना पाटेकरनाना पाटेकर

गोवा में दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। वह 74 वर्ष के थे। जानकारी के अनुसार, उन्हें रात करीब साढ़े 3 बजे गोवा के दोना पावला स्थित मणिपाल अस्पताल लाया गया था। इससे पहले वह अपने घर में बेहोश मिले थे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, नाना पाटेकर की मौत गंभीर कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक लगातार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी CPR दिया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

नाना पाटेकर का निधन कार्डियक अरेस्ट से हुआ

जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर को घर में बेहोश पाया गया था। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। उन्हें रात करीब 3:30 बजे दोना पावला स्थित मणिपाल अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि नाना पाटेकर की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक CPR किया, लेकिन उन्हें जीवनदान नहीं दिया जा सका।

डॉक्टर ने दी नाना पाटेकर की मौत की जानकारी

मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर का निधन गंभीर कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार का असर नहीं हुआ।

नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।

हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान

नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के चर्चित और प्रभावशाली अभिनेताओं में शामिल रहे। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों के साथ थिएटर में भी लंबे समय तक काम किया। अपने अलग अभिनय अंदाज और दमदार संवाद अदायगी के कारण उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई।

उनका फिल्मी करियर कई दशकों तक चला। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी और एक्शन तक, उन्होंने कई शैलियों में अभिनय किया।

इन फिल्मों में किया यादगार अभिनय

नाना पाटेकर ने कई चर्चित फिल्मों में काम किया। इनमें ‘परिंदा’, ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूज़िकल’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

‘परिंदा’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहा गया। वहीं, ‘वेलकम’ में उनके कॉमिक अंदाज ने भी दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई।

नाना पाटेकर ने किया था फिल्म का निर्देशन

अभिनय के अलावा नाना पाटेकर ने निर्देशन के क्षेत्र में भी काम किया। उन्होंने ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ फिल्म का निर्देशन किया था। यह फिल्म भारतीय सेना की पृष्ठभूमि पर आधारित थी और इसमें उन्होंने अभिनय भी किया था।

नाना पाटेकर ने सिनेमा के साथ थिएटर में भी अपनी सक्रियता बनाए रखी। उनका अभिनय करियर हिंदी और मराठी दोनों फिल्म उद्योगों में महत्वपूर्ण रहा।

पद्म श्री से सम्मानित हुए थे नाना पाटेकर

भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए नाना पाटेकर को 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। यह देश के प्रमुख नागरिक सम्मानों में शामिल है।

नाना पाटेकर ने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए। उनकी अभिनय शैली और प्रभावशाली संवाद अदायगी ने उन्हें भारतीय सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में स्थापित किया।

फिल्म जगत में शोक की लहर

नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। कई दशकों तक फिल्मों और थिएटर से जुड़े रहने वाले नाना पाटेकर अपने पीछे अभिनय की एक लंबी विरासत छोड़ गए हैं।

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