राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (NCWEB) ने संयुक्त रूप से ‘Udaan 2026’ कार्यक्रम आयोजित किया। इसका आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में हुआ। कार्यक्रम का विषय ‘समर्थ स्त्री–समर्थ भारत’ था।
आयोजन में 6,000 से अधिक छात्राओं, शिक्षकों, प्राचार्यों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में महिला शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर ने छात्राओं को संबोधित किया।
विजया के. रहाटकर ने छात्राओं को किया संबोधित
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को देश के विकास में भागीदार बनाने पर जोर दिया है। साथ ही, उन्होंने महिला सशक्तीकरण में राष्ट्रीय महिला आयोग और NCWEB की भूमिका को महत्त्वपूर्ण बताया।
रहाटकर ने छात्राओं को लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी। उन्होंने अर्जुन के उदाहरण के जरिए एकाग्रता का महत्त्व समझाया। उनके अनुसार, स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर प्रयास सफलता की राह आसान बनाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और देश के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा, उन्होंने छात्राओं के सपनों को पूरा करने में सहयोग का भरोसा दिलाया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने पहल को सराहा
दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने छात्राओं के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के आयोजन की पहल की सराहना की।
उन्होंने इसे छात्राओं को आगे बढ़ने के अवसर देने वाला कदम बताया। साथ ही, उन्होंने ऐसी गतिविधियों के महत्त्व को रेखांकित किया।
NCWEB के 27 केंद्रों पर आयोजित हुईं गतिविधियां
‘Udaan 2026’ के तहत 11 से 18 अक्टूबर तक NCWEB के 27 केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 26 स्नातक केंद्र और एक परास्नातक केंद्र शामिल था।
इन केंद्रों पर कार्यशालाएं और संवाद सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा, छात्राओं के लिए तीन रचनात्मक प्रतियोगिताएं भी रखी गईं। इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्राओं की प्रतिभा और विचारों को मंच देना था।
रील मेकिंग, लिरिक्स रीबूट और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम के तहत तीन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें रील मेकिंग, लिरिक्स रीबूट और पोस्टर मेकिंग शामिल थीं।
रील मेकिंग का विषय ‘शी राइज, इंडिया राइज: विकसित भारत हेतु महिलाएं’ था। वहीं, लिरिक्स रीबूट प्रतियोगिता का विषय ‘एक स्त्री, हजार संभावनाएं’ रखा गया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने ‘एआई और मैं: डिजिटल युग में जीवन’ विषय पर अपनी रचनात्मकता दिखाई। इस तरह, प्रतियोगिताओं में महिला सशक्तीकरण और तकनीक से जुड़े मुद्दों को शामिल किया गया।
विजेताओं के लिए 15 हजार रुपये तक के पुरस्कार
आयोजकों ने प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के लिए पुरस्कारों की व्यवस्था की। केंद्रीय स्तर पर प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार दिए गए।
प्रथम पुरस्कार की राशि 15,000 रुपये रखी गई। वहीं, द्वितीय पुरस्कार के लिए 11,000 रुपये निर्धारित किए गए। तृतीय पुरस्कार पाने वालों को 5,000 रुपये मिले। इसके अलावा, सांत्वना पुरस्कार की राशि 2,000 रुपये थी।
आयोजकों के अनुसार, प्रत्येक केंद्र पर भी हर गतिविधि के लिए इसी श्रेणी में पुरस्कार दिए गए। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को रचनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित करना था।
NCWEB की 83 साल की यात्रा का उल्लेख
NCWEB की निदेशक प्रो. गीता भट्ट ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बोर्ड की शैक्षणिक यात्रा और महिला शिक्षा में उसके योगदान का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि NCWEB पिछले 83 वर्षों से महिला शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है। उनके अनुसार, बोर्ड से वर्तमान में लगभग 49,000 छात्राएं जुड़ी हैं। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम में छात्राओं ने नाटिका और नृत्य सहित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद भजन क्लबिंग का आयोजन हुआ।
राष्ट्रीय महिला आयोग के सह सचिव श्री नीरज शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक समाप्ति की घोषणा हुई।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली विश्वविद्यालय और NCWEB के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजन में कार्यशालाओं, संवाद सत्रों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया गया।
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