प्रशांत किशोर की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेताओं के साथ हुई लंबी बैठक ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर NCP के लिए नई रणनीति तैयार करेंगे। हालांकि, पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने ऐसी किसी आधिकारिक नियुक्ति से इनकार किया है और कहा है कि पार्टी की ओर से अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार की बैठक ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा
सूत्रों के अनुसार, प्रशांत किशोर ने हाल ही में राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार से करीब छह घंटे तक मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले दो महीनों में दोनों पक्षों के बीच यह तीसरी अहम बैठक थी। राजनीतिक हलकों में इसे संभावित चुनावी रणनीति और संगठनात्मक बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
NCP ने नियुक्ति की अटकलों से किया इनकार
सुनील तटकरे ने क्या कहा?
NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने प्रेस वार्ता में कहा कि उन्हें प्रशांत किशोर की किसी आधिकारिक नियुक्ति की जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह सुनेत्रा पवार से मिले थे, लेकिन बैठक में किसी संगठनात्मक या राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। तटकरे ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय सार्वजनिक नहीं किया है।
क्या संगठन में बदलाव पर हुई चर्चा?
सूत्रों का दावा है कि बैठक में महाराष्ट्र इकाई के संगठनात्मक ढांचे और नेतृत्व में संभावित बदलावों पर चर्चा हुई। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने चुनावी तैयारी को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं।
हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन्हें फिलहाल आधिकारिक जानकारी नहीं माना जा सकता।
प्रशांत किशोर की रणनीति पर तटकरे का क्या नजरिया है?
ग्राउंड पॉलिटिक्स पर जताया भरोसा
सुनील तटकरे ने कहा कि उनका राजनीतिक अनुभव चार दशक से अधिक का है और वे हमेशा जमीनी राजनीति में विश्वास करते हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए वह जनता के बीच रहकर काम करने को प्राथमिकता देते हैं। उनके अनुसार, व्यावहारिक राजनीति किसी भी रणनीतिक विश्लेषण से अधिक महत्वपूर्ण होती है।
तटकरे ने यह भी कहा कि यदि पार्टी ने प्रशांत किशोर को आधिकारिक जिम्मेदारी सौंपी होती तो उन्हें इसकी जानकारी अवश्य होती।
BJP की प्रतिक्रिया पर क्या बोले NCP नेता?
जब तटकरे से पूछा गया कि यदि प्रशांत किशोर पार्टी से जुड़ते हैं तो क्या इससे भाजपा की चिंता बढ़ सकती है, तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर तभी टिप्पणी की जा सकती है जब कोई आधिकारिक फैसला सामने आए।
उन्होंने दोहराया कि फिलहाल पार्टी की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है और किसी भी प्रकार की अटकलों पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
कृषि मंत्री दत्तामामा भरणे का अलग दावा
जहां एक ओर तटकरे ने नियुक्ति से इनकार किया, वहीं महाराष्ट्र सरकार में कृषि मंत्री दत्तामामा भरणे ने अलग बयान दिया।
उन्होंने दावा किया कि प्रशांत किशोर पार्टी के मुख्य सलाहकार के रूप में मार्गदर्शन दे रहे हैं और उनकी रणनीति से आगामी चुनावों में लाभ मिल सकता है।
हालांकि, इस दावे पर भी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
महाराष्ट्र चुनाव से पहले क्यों अहम मानी जा रही है यह बैठक?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर जैसे चुनावी रणनीतिकार की संभावित भूमिका को लेकर चर्चाएं स्वाभाविक रूप से तेज हो गई हैं।
यदि भविष्य में NCP इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा करती है, तो राज्य की चुनावी राजनीति पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से केवल इतना ही कहा गया है कि इस विषय में कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
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