उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बिहार की तीन राजनीतिक पार्टियों ने उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJP-RV) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) यूपी में संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियों पर जोर दे रही हैं। तीनों दलों का बिहार में अलग-अलग सामाजिक आधार है और अब इसी आधार को उत्तर प्रदेश में विस्तार देने की कोशिश की जा रही है।
JDU की रणनीति में कुर्मी और अति पिछड़ा वर्ग प्रमुख दिखाई देता है। वहीं LJP (रामविलास) दलित और विशेष रूप से पासवान समुदाय के बीच संगठन मजबूत करने पर जोर दे रही है। VIP प्रमुख रूप से निषाद समाज और उससे जुड़े समुदायों के बीच अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
UP Election 2027 में JDU का कुर्मी वोट पर फोकस
JDU ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी गतिविधियां तेज की हैं। पार्टी की ओर से संगठन विस्तार, सम्मेलन और विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। दिए गए विवरण के अनुसार, JDU ने करीब 60 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी की बात कही है।
बिहार से सटे यूपी के इलाकों पर नजर
JDU की रणनीति में उत्तर प्रदेश के उन इलाकों को महत्व दिया जा रहा है, जहां कुर्मी और अति पिछड़े समुदायों की राजनीतिक मौजूदगी बताई जाती है। इनमें पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिले शामिल हैं।
पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ सीटों के तालमेल की संभावना बनाए रखते हुए जरूरत के अनुसार अलग चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रही है।
यूपी में JDU का पिछला चुनावी प्रदर्शन
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में JDU ने 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। दिए गए आंकड़ों के अनुसार पार्टी को 97,738 वोट मिले थे और कोई सीट हासिल नहीं हुई थी।
इससे पहले 2007 में JDU ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ा था और एक सीट जीतने में सफल रही थी। 2012 में पार्टी ने 219 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन कोई सीट नहीं मिली। 2017 में JDU ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।
LJP (रामविलास) की दलित वोट पर रणनीति
चिराग पासवान के नेतृत्व वाली LJP (रामविलास) भी उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार कर रही है। पार्टी की राजनीतिक रणनीति में दलित समुदाय, विशेष रूप से पासवान समाज तक पहुंच बढ़ाना महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यूपी में रामविलास पासवान की विरासत का इस्तेमाल
पार्टी उत्तर प्रदेश में रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत के जरिए दलित समुदाय के बीच अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही दूसरे दलित समुदायों तक पहुंच बनाने की रणनीति पर भी जोर दिया जा रहा है।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2007 में अविभाजित LJP ने 72 सीटों पर चुनाव लड़ा था। 2012 में पार्टी ने 212 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। 2022 में चिराग पासवान के नेतृत्व वाली LJP (रामविलास) ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 12,247 वोट मिले।
VIP का निषाद आरक्षण पर फोकस
मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के बीच अपना आधार बढ़ाने पर जोर दे रही है। पार्टी की राजनीति में निषाद, मल्लाह, सहनी, केवट और मछुआरा समुदायों से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं।
101 दिनों की निषाद आरक्षण यात्रा
दिए गए विवरण के अनुसार, VIP ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 101 दिनों की निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा की घोषणा की है। पार्टी निषाद समुदाय के आरक्षण के मुद्दे को प्रमुख राजनीतिक विषय के रूप में उठा रही है।
2022 में VIP ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारे थे। उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक पार्टी को 1,27,451 वोट मिले और कोई सीट हासिल नहीं हुई।
तीनों पार्टियों की रणनीति अलग
उत्तर प्रदेश में JDU, LJP (रामविलास) और VIP की चुनावी रणनीति उनके पारंपरिक सामाजिक आधार के आसपास केंद्रित है। JDU कुर्मी और अति पिछड़ा वर्ग, LJP (रामविलास) दलित-पासवान समुदाय और VIP निषाद समाज से जुड़े मुद्दों पर अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा रही है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन दलों का संगठन विस्तार, संभावित गठबंधन और उम्मीदवारों का चयन उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका को प्रभावित करने वाले प्रमुख घटनाक्रम होंगे।
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