दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज में 5 नवंबर 2026 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। यह कार्यक्रम उनकी 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रतिमा का अनावरण महाविद्यालय के सभागार में आयोजित समारोह के दौरान किया जाएगा। इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल होंगे।
महाविद्यालय ने इस आयोजन को अपनी संस्थागत पहचान और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया है।
5 नवंबर को आयोजित होगा प्रतिमा अनावरण समारोह
श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज में आयोजित होने वाला यह समारोह 5 नवंबर 2026 को होगा। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज के नामकरण के प्रेरणास्रोत रहे हैं। इसलिए महाविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन के जरिए उनके शैक्षणिक योगदान, राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े विचारों को याद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता होंगी मुख्य अतिथि
इस समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इसके अलावा, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों के अधिष्ठाता (डीन ऑफ कॉलेजेज) प्रो. बलराम पाणि भी शामिल होंगे। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रांत के प्रांत संघचालक डॉ. अनिल अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
इस प्रकार, समारोह में दिल्ली सरकार, दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी निर्धारित है।
कौन थे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी?
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शिक्षाविद्, राजनेता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व थे। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कम उम्र में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने।
इसके अलावा, उन्होंने स्वतंत्र भारत के शुरुआती राजनीतिक दौर में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उनका जीवन शिक्षा, राजनीति और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए जाना जाता है।
उनकी 125वीं जयंती के अवसर पर देश के विभिन्न संस्थानों में उन्हें याद किया जा रहा है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज भी इसी अवसर पर प्रतिमा अनावरण समारोह आयोजित कर रहा है।
प्राचार्या प्रो. नीलम गोयल ने आयोजन को बताया महत्वपूर्ण
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. नीलम गोयल के अनुसार, प्रतिमा अनावरण केवल एक स्मारकीय आयोजन नहीं है। यह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है।
उनका मानना है कि डॉ. मुखर्जी का जीवन शिक्षा के प्रति समर्पण, नेतृत्व और जनसेवा के आदर्शों से जुड़ा रहा है।
कॉलेज परिसर में स्थापित होने वाली प्रतिमा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणा का माध्यम बनेगी। इसके जरिए आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
विद्यार्थियों के लिए क्या होगा इस आयोजन का महत्व?
महाविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, प्रतिमा की स्थापना का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान के नामकरण से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्व के बारे में जानकारी देना भी है।
इसके साथ ही, कॉलेज शिक्षा, नेतृत्व और जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर उनके विचारों को विद्यार्थियों तक पहुंचाना चाहता है।
महाविद्यालय का मानना है कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपने संस्थान के इतिहास और उसकी पहचान से जोड़ने में मदद करते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण आयोजन
श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध है। ऐसे में यह कार्यक्रम कॉलेज की संस्थागत गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित होने से महाविद्यालय परिसर में उनके जीवन और योगदान को स्थायी रूप से याद करने का अवसर मिलेगा।
कॉलेज प्रशासन ने इस आयोजन को अपनी संस्थागत पहचान और शैक्षणिक मूल्यों से जोड़कर देखा है। 5 नवंबर को होने वाले समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति निर्धारित है।
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