US Midterm Elections 2026: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के शुरुआती नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। मतगणना के अंतिम दौर में डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बढ़त बनाती दिखाई दे रही है। इसके अलावा, कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी डेमोक्रेट उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, 435 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी 236 सीटें जीत चुकी है। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को 146 सीटें मिली हैं। बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। हालांकि, अंतिम नतीजों की घोषणा अभी बाकी है।
सीनेट में भी डेमोक्रेट्स ने बढ़त हासिल की है। इन नतीजों को ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर मतदाताओं की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। खासकर ईरान के साथ जारी युद्ध, महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार की आलोचना हुई है।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स को बहुमत
अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में कुल 435 सीटें हैं। यहां बहुमत के लिए 218 सीटों की आवश्यकता होती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी यह आंकड़ा पार कर चुकी है।
रात 11 बजे तक मिले चुनावी नतीजों में डेमोक्रेट्स को 236 सीटें मिली थीं। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी 146 सीटों पर आगे थी। अनुमान लगाया जा रहा था कि डेमोक्रेट्स की सीटों की संख्या 258 तक पहुंच सकती है।
रिपब्लिकन के मजबूत इलाकों में भी डेमोक्रेट्स की जीत
डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई ऐसे चुनावी क्षेत्रों में जीत दर्ज की है, जहां 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को बड़ी बढ़त मिली थी।
इन नतीजों ने रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। खासकर उन क्षेत्रों में डेमोक्रेट्स का प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्हें रिपब्लिकन का मजबूत आधार समझा जाता था।
सीनेट में भी डेमोक्रेट्स की बढ़त
अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी को बड़ी सफलता मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स के पास 54 सीटें पहुंच गई हैं। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को 44 सीटें मिली हैं। शेष दो सीटों पर भी डेमोक्रेट्स बढ़त बनाए हुए थे।
पिछली सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें थीं। वहीं, डेमोक्रेट्स और उनके सहयोगियों के पास 47 सीटें थीं।
सात राज्यों में रिपब्लिकन को बड़ा झटका
चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन के कब्जे वाली कई सीनेट सीटों पर जीत दर्ज की। इनमें नॉर्थ कैरोलिना, साउथ कैरोलिना, ओहायो, मेन, कंसास, आयोवा और टेक्सास शामिल हैं।
इन राज्यों में जीत से डेमोक्रेट्स की स्थिति मजबूत हुई है। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को अपने पारंपरिक चुनावी क्षेत्रों में भी नुकसान उठाना पड़ा है।
ईरान युद्ध को हार की वजह बता रहे जेडी वेंस
चुनावी नतीजों के बाद रिपब्लिकन खेमे में निराशा दिखाई दे रही है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए ईरान में जारी युद्ध को जिम्मेदार बताया है।
वेंस के मुताबिक, युद्ध और उससे जुड़े आर्थिक दबाव ने अमेरिकी मतदाताओं को प्रभावित किया है। ईंधन की बढ़ती कीमतों और महंगाई के कारण लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ी है।
चुनाव के दौरान विदेश नीति और घरेलू अर्थव्यवस्था दोनों प्रमुख मुद्दे रहे। विपक्ष ने भी ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लेकर मतदाताओं के बीच अभियान चलाया था।
टेक्सास और ओहायो जैसे राज्यों में रिपब्लिकन को नुकसान
रिपब्लिकन पार्टी को अपने कई मजबूत राज्यों में हार का सामना करना पड़ा है। टेक्सास, ओहायो, आयोवा और जॉर्जिया में डेमोक्रेट उम्मीदवारों ने महत्वपूर्ण जीत हासिल की।
विवेक रामास्वामी को भी मिली हार
ओहायो के गवर्नर पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को हार का सामना करना पड़ा। वह डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन से चुनाव हार गए।
विवेक रामास्वामी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त था। इसलिए उनकी हार को रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।
कई राज्यों में महिला उम्मीदवारों ने रचा इतिहास
जॉर्जिया में डेमोक्रेट उम्मीदवार कीशा लांस बॉटम्स ने जीत हासिल कर राज्य की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बनने का इतिहास रचा।
वहीं, टेक्सास में जीना हिनोजोसा ने गवर्नर पद का चुनाव जीता। वह राज्य की पहली लातिन अमेरिकी महिला गवर्नर बनीं। आयोवा में डेमोक्रेट उम्मीदवार रॉब सैंड ने भी जीत दर्ज की।
कंसास में एडम हैमिल्टन ने सीनेट की सीट जीतकर डेमोक्रेटिक पार्टी को बड़ी सफलता दिलाई।
ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की जताई इच्छा
चुनावी नतीजों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी को जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह देश के हित में विपक्षी पार्टी के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।
ट्रंप के इस बयान को चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक सहयोग की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के लिए कांग्रेस में अपना प्रभाव बनाए रखना अब बड़ी चुनौती होगी।
अमेरिका में बनेगी डिवाइडेड गवर्नमेंट की स्थिति?
मध्यावधि चुनाव के इन नतीजों से अमेरिका में विभाजित सरकार यानी डिवाइडेड गवर्नमेंट की स्थिति बनने की संभावना है। यदि डेमोक्रेट्स दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल करते हैं, तो ट्रंप प्रशासन के लिए विधायी फैसले लेना मुश्किल हो सकता है।
प्रतिनिधि सभा और सीनेट में विपक्ष की मजबूत मौजूदगी से सरकार की नीतियों पर निगरानी बढ़ेगी। इसके अलावा, बजट और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी राजनीतिक टकराव की आशंका है।
न्यूयॉर्क के हाउस डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफरीज ने कहा कि उनकी पार्टी मतदाताओं की आवाज सुन रही है। नई कांग्रेस शुरू होने पर यदि पार्टी उन्हें चुनती है, तो वह प्रतिनिधि सभा के पहले अश्वेत स्पीकर बन सकते हैं।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के ये नतीजे ट्रंप प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौती बनकर सामने आए हैं। अंतिम नतीजों के बाद कांग्रेस में सत्ता का समीकरण और स्पष्ट होगा।
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