उत्तर प्रदेश के उन युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जो आईएएस और पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग नहीं कर पाते। समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश ने ऐसे छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग योजना की शुरुआत की है। विभाग द्वारा संचालित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों में IAS/PCS (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 की तैयारी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के लिए चलाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कोचिंग का खर्च अक्सर लाखों रुपये तक पहुंच जाता है। ऐसे में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई छात्र तैयारी नहीं कर पाते। इसी समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मुफ्त कोचिंग योजना को आगे बढ़ाया है।
इस योजना के तहत चयनित छात्रों को बिना किसी फीस के IAS और PCS प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और परीक्षा आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस योजना में आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी पात्रताएं निर्धारित की गई हैं।
आवेदन करने वाला छात्र उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। साथ ही उम्मीदवार SC, ST या OBC वर्ग से संबंधित होना जरूरी है। अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। केवल पात्र छात्र ही प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां
फ्री कोचिंग योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 18 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। छात्र ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- ऑनलाइन आवेदन शुरू: 18 मई 2026
- आवेदन और सुधार की अंतिम तिथि: 18 जून 2026
- एडमिट कार्ड जारी होने की तिथि: 25 जून 2026
- प्रवेश परीक्षा की तिथि: 05 जुलाई 2026
- रिजल्ट घोषित होने की तिथि: 28 जुलाई 2026
- कोचिंग सत्र शुरू होने की संभावित तिथि: 1 अगस्त 2026
छात्रों को सलाह दी गई है कि अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
पूरी तरह निशुल्क है योजना
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। छात्रों को फॉर्म भरने के लिए किसी प्रकार की फीस जमा नहीं करनी होगी।
सरकार का मानना है कि आर्थिक स्थिति किसी भी छात्र के सपनों में बाधा नहीं बननी चाहिए। यही कारण है कि मुफ्त कोचिंग योजना को सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
समाज कल्याण विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया है ताकि छात्र बिना किसी परेशानी के आवेदन कर सकें।
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट socialwelfareup.upsdc.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट पर “ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें” लिंक पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद अभ्यर्थी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। सभी जानकारी सही तरीके से भरने के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा।
फॉर्म जमा होने के बाद उसका प्रिंट आउट निकालकर सुरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि भविष्य में इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। यूपीएससी और यूपीपीएससी जैसी परीक्षाओं में सफलता के लिए सही मार्गदर्शन और संसाधनों की जरूरत होती है।
फ्री कोचिंग योजना के जरिए छात्रों को बेहतर अध्ययन माहौल और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा। इससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने का मौका मिलेगा।
सामाजिक न्याय की दिशा में अहम कदम
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराने से शिक्षा का स्तर मजबूत होगा।
सरकार की इस पहल से उन छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं।
युवाओं में बढ़ा उत्साह
फ्री IAS-PCS कोचिंग योजना शुरू होने के बाद छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि यह योजना उनके सपनों को नई दिशा दे सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छात्र मेहनत और सही रणनीति के साथ तैयारी करें तो यह योजना उन्हें सिविल सेवा जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्र तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है।
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