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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान अमेरिका के साथ प्रस्तावित नई शांति डील (Peace Deal) पर हस्ताक्षर नहीं करता, तब तक उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से किसी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। उनके इस बयान को ईरान के लिए स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि समझौते के बिना आर्थिक राहत संभव नहीं होगी।

डील के टेक्स्ट को जल्द किया जाएगा सार्वजनिक

G7 सम्मेलन के मंच से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते का मसौदा जल्द सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समझौते से संबंधित दस्तावेज शुक्रवार के बाद किसी भी समय जारी किए जा सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि दोनों देशों की ओर से अभी तक अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह समझौता सफल होता है तो पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

प्रतिबंधों पर ट्रंप का सख्त रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका का रुख स्पष्ट है। जब तक नई डील पर अंतिम सहमति नहीं बनती और उस पर औपचारिक हस्ताक्षर नहीं होते, तब तक ईरान को किसी भी प्रकार की आर्थिक छूट नहीं दी जाएगी।

अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का ईरान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। ऐसे में प्रतिबंधों में राहत को लेकर पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर बनी हुई है।

ट्रंप के बयान से यह संकेत मिला है कि वॉशिंगटन फिलहाल अपने दबाव की नीति को जारी रखना चाहता है।

लेबनान संकट पर भी जताई चिंता

ईरान के अलावा ट्रंप ने लेबनान की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका लेबनान में स्थिरता और शांति चाहता है तथा वहां की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

ट्रंप ने कहा कि वह यह देखना चाहते हैं कि लेबनान के मुद्दे का समाधान कैसे निकाला जा सकता है। उनके अनुसार यह ऐसा संकट है जो लंबे समय से चला आ रहा है और इसे समाप्त करने के लिए सभी पक्षों के साथ बातचीत जरूरी है।

उन्होंने संकेत दिया कि हिजबुल्लाह सहित क्षेत्र के प्रभावशाली पक्षों के साथ संवाद की आवश्यकता पड़ सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की नजर

अपने संबोधन में ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का भी उल्लेख किया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

ट्रंप ने कहा कि फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है और अमेरिका को उम्मीद है कि यह मार्ग खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ देशों द्वारा क्षेत्र में जहाजों की तैनाती करना एक व्यावहारिक कदम हो सकता है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान स्थिति में किसी बड़े हस्तक्षेप की आवश्यकता दिखाई नहीं देती।

वैश्विक बाजार की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता पर

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर वैश्विक बाजार की नजर बनी हुई है। ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय निवेशक और कूटनीतिक विशेषज्ञ इस वार्ता को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है तो तेल बाजार में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है। वहीं समझौता विफल होने की स्थिति में क्षेत्रीय तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया की स्थिति का असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधे तौर पर पड़ता है।

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