भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। हरमनप्रीत अब भारतीय महिला टीम की किसी भी फॉर्मेट में कप्तानी नहीं करेंगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं। हाल ही में उनकी अगुवाई में भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स के महिला क्रिकेट इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। इससे पहले हरमनप्रीत को मिताली राज के बाद भारतीय महिला टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी मिली थी।
हरमनप्रीत कौर ने क्यों छोड़ी कप्तानी?
हरमनप्रीत कौर ने अपनी पोस्ट में कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने कप्तानी के दौरान बिताए वर्षों को याद करते हुए कहा कि इस सफर में भावनाओं, त्याग और कई महत्वपूर्ण पलों की भूमिका रही।
उन्होंने लिखा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपना सब कुछ दिया। इसमें उनका समय, मेहनत और कई बार निजी महत्वाकांक्षाओं का त्याग भी शामिल रहा। हरमनप्रीत के मुताबिक, कई मौकों पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा टीम की जरूरत को प्राथमिकता दी।
टीम को आगे बढ़ाना रहा कप्तानी का मकसद
हरमनप्रीत ने कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई मुश्किल फैसले लेने पड़े। इनमें से कुछ फैसलों को हमेशा समझा नहीं गया और कई बार उन्हें व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी। हालांकि, उनके हर फैसले का उद्देश्य टीम को बेहतर बनाना और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना था।
उन्होंने कहा कि वह चाहती थीं कि टीम की खिलाड़ी खुद पर विश्वास करें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।
हरमनप्रीत ने याद किए मुश्किल दौर
भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान ने अपनी पोस्ट में अपने करियर के उतार-चढ़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम के सबसे खराब दौर, निराशाजनक पलों, आलोचना और संदेह का सामना किया।
इसके साथ ही हरमनप्रीत ने जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने के गौरव को भी याद किया। उनके मुताबिक, ये ऐसे पल थे जिन्होंने उनके किए गए त्याग को सार्थक बनाया।
कप्तानी छोड़ने के फैसले पर क्या कहा?
हरमनप्रीत कौर ने कहा कि कप्तानी छोड़ते समय उनका दिल भावनाओं से भरा हुआ है, लेकिन इसके साथ उन्हें सुकून भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारतीय महिला टीम इस समय अच्छी स्थिति में है।
हरमनप्रीत ने टीम में मौजूद प्रतिभा, चरित्र और विश्वास का उल्लेख करते हुए उसके भविष्य को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कप्तानी छोड़ने के बावजूद वह भारतीय क्रिकेट से जुड़ी रहेंगी।
हरमनप्रीत कौर ने किस-किस को कहा धन्यवाद?
हरमनप्रीत ने अपनी पोस्ट में टीम की साथी खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों ने अच्छे और बुरे दौर में उनका साथ दिया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी करने का अवसर मिलने के लिए उन्होंने आभार भी जताया।
हरमनप्रीत ने लिखा कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को गर्व के साथ निभाया और टीम के लिए अपना सब कुछ दिया।
अब कप्तानी के बाद सिर्फ खेल पर फोकस
कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत कौर अब खिलाड़ी के तौर पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा बनी रहेंगी। उन्होंने अपनी पोस्ट में संकेत दिया कि अब वह क्रिकेट को उसी जुनून के साथ खेलना चाहती हैं, जिसके लिए उन्होंने यह सफर शुरू किया था।
उन्होंने अपने संदेश के अंत में लिखा, “खून. पसीना. त्याग. गर्व. मैंने अपना सब कुछ दे दिया.”
हरमनप्रीत ने आगे कहा कि अब वह फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने संदेश को “कप्तानी खत्म. सफर जारी है.” के साथ समाप्त किया।
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