जॉर्ज कुरियनजॉर्ज कुरियन

अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से मंगलवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया है।

राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दिया इस्तीफा

जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। उनके राज्यसभा कार्यकाल के साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल भी समाप्त हो गया।

राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा सौंप दिया, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया।

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना में कहा गया है कि इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

दो मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे

जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में दो मंत्रालयों में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनके पास अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की जिम्मेदारी भी थी।

उन्होंने 9 जून 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद 11 जून 2024 को उन्होंने दोनों मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था।

करीब दो वर्षों तक उन्होंने इन मंत्रालयों में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई।

बीजेपी ने दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा

भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान जॉर्ज कुरियन को दोबारा नामित नहीं किया था। पार्टी ने उनकी जगह मध्य प्रदेश से भाजपा महासचिव तरुण चुग को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया।

राजनीतिक हलकों में उसी समय से यह चर्चा शुरू हो गई थी कि राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद कुरियन केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे सकते हैं।

अब उनके इस्तीफे के साथ इन अटकलों पर विराम लग गया है।

केरल राजनीति में सक्रिय रहे हैं कुरियन

जॉर्ज कुरियन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह पार्टी के शुरुआती दौर से संगठन से जुड़े रहे हैं।

केरल में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्य में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारियां भी सौंपी थीं।

राज्यसभा में उनकी एंट्री को भी केरल की राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया था।

विधानसभा चुनाव में नहीं मिला अपेक्षित परिणाम

जॉर्ज कुरियन ने वर्ष 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में कंजीरापल्ली सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें चुनाव में सफलता नहीं मिली।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विधानसभा चुनाव में पार्टी के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजे जाने का निर्णय लिया गया।

हालांकि भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

कौन हैं जॉर्ज कुरियन?

जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले के नाम्बियाकुलम क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा केरल में प्राप्त की और बाद में कानून की पढ़ाई पूरी की।

वह पेशे से अधिवक्ता भी रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर चुके हैं।

कुरियन 1980 से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं और लंबे समय तक संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री बनने से पहले वह राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वह पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (OSD) भी रह चुके हैं।

राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक सूचना

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उनकी भूमिका औपचारिक रूप से समाप्त हो गई है।

यह भी जरूर पढे :

TMC में बड़ा बवाल: बागी गुट ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाने का किया दावा

Discover more from The BG Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading