उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया। उषा मेहता मार्ग स्थित तीन मंजिला इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, लापरवाही के आरोप में चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
अलीगंज की इस घटना के बाद देश में बीते वर्षों के बड़े अग्निकांड एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इन हादसों में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी और कई मामलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई थी।
उपहार सिनेमा अग्निकांड, दिल्ली (1997)
13 जून 1997 को दिल्ली के उपहार सिनेमा में फिल्म ‘बॉर्डर’ की स्क्रीनिंग के दौरान आग लग गई थी। हादसे में 59 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। जांच में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई थीं। यह देश के सबसे चर्चित अग्निकांडों में से एक माना जाता है।
कुंभकोणम स्कूल अग्निकांड, तमिलनाडु (2004)
16 जुलाई 2004 को तमिलनाडु के कुंभकोणम स्थित एक स्कूल में आग लगने से 94 बच्चों की मौत हो गई थी। आग स्कूल की छत तक फैल गई थी, जिससे कई बच्चे कक्षाओं में फंस गए थे। इस हादसे ने देशभर में स्कूल सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी थी।
मेरठ विक्टोरिया पार्क अग्निकांड (2006)
10 अप्रैल 2006 को मेरठ के विक्टोरिया पार्क में आयोजित एक प्रदर्शनी के दौरान भीषण आग लग गई थी। हादसे में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए थे। घटना के बाद आयोजन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
स्टीफन कोर्ट अग्निकांड, कोलकाता (2010)
कोलकाता की ऐतिहासिक स्टीफन कोर्ट इमारत में आग लगने से 43 लोगों की जान चली गई थी। इमारत में फंसे लोगों को निकालने के लिए लंबे समय तक बचाव अभियान चलाया गया था।
एएमआरआई अस्पताल अग्निकांड, कोलकाता (2011)
9 दिसंबर 2011 को कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में आग लगने से 89 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में बड़ी संख्या अस्पताल में भर्ती मरीजों की थी। धुएं के कारण कई लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके थे।
सूरत कोचिंग सेंटर अग्निकांड (2019)
24 मई 2019 को गुजरात के सूरत में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 22 छात्रों की मौत हो गई थी। हादसे के वीडियो सामने आने के बाद पूरे देश में शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए थे।
कमला मिल्स अग्निकांड, मुंबई (2017)
मुंबई के कमला मिल्स कंपाउंड में आग लगने से 14 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद होटल, रेस्तरां और पब में अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर व्यापक जांच अभियान चलाया गया था।
मुंडका अग्निकांड, दिल्ली (2022)
दिल्ली के मुंडका क्षेत्र में एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। कई लोग इमारत के अंदर फंस गए थे और बचाव अभियान घंटों तक चला था।
राजकोट गेमिंग जोन अग्निकांड (2024)
25 मई 2024 को गुजरात के राजकोट स्थित टीआरपी गेमिंग जोन में आग लगने से 27 लोगों की मौत हुई थी। इस हादसे के बाद देशभर में गेमिंग जोन और मनोरंजन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू की गई थी।
मालवीय नगर होटल अग्निकांड, दिल्ली (2026)
3 जून 2026 को दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद राजधानी में होटल सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई थी।
अलीगंज अग्निकांड पर जारी है जांच
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड की जांच फिलहाल जारी है। प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां और निलंबन किए हैं। वहीं, एसआईटी को घटना के कारणों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
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