विश्वविद्यालयों में ‘फ्री विल’ या वैचारिक तानाशाही? वामपंथी विमर्श और अभिव्यक्ति की आजादी का दोहरा मापदंड
देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में ‘फ्री विल’ (स्वतंत्र इच्छा) और ‘क्रिटिकल थिंकिंग’ (आलोचनात्मक सोच) को लेकर बहस तेज होती जा रही है। हाल के वर्षों में यह सवाल उठने…