चीन की राजनीति में साल 2027 बेहद निर्णायक माना जा रहा है। इसी वर्ष चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की 21वीं नेशनल कांग्रेस होने जा रही है, जिसमें नई सेंट्रल कमेटी का गठन होगा। यही सेंट्रल कमेटी आगे चलकर सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के सदस्यों की नियुक्ति करती है। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चीन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
चीन के सरकारी मीडिया में लगातार चेतावनियां दी जा रही हैं कि जो अधिकारी सिर्फ सत्ता परिवर्तन का इंतजार करते हुए काम से बच रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसे 2027 से पहले प्रशासनिक और राजनीतिक अनुशासन को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
शी जिनपिंग का सख्त संदेश
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में CCDI (सेंट्रल कमीशन फॉर डिसिप्लिन इंस्पेक्शन) की बैठक में साफ कहा कि इस साल से ही लोकल लेवल पर नेतृत्व में बदलाव शुरू होगा।
शी जिनपिंग ने कहा कि पार्टी को ऐसे अधिकारी चाहिए जो पूरी तरह वफादार, भरोसेमंद, जिम्मेदार और लगातार काम करने वाले हों। इस बयान को 2027 से पहले संभावित उत्तराधिकार और सत्ता संतुलन की तैयारी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या शी जिनपिंग बेटी को आगे बढ़ाएंगे?
इन्हीं अटकलों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि शी जिनपिंग भविष्य में अपनी बेटी शी मिंगजे को सत्ता संरचना में अहम भूमिका दे सकते हैं। मिंगजे, शी जिनपिंग की इकलौती संतान हैं और लंबे समय से बेहद लो-प्रोफाइल जीवन जीती रही हैं।
कौन हैं शी मिंगजे?
शी मिंगजे का जन्म 25 जून 1992 को चीन के फुजियान प्रांत के फूझोउ शहर में हुआ। उन्होंने शुरुआती शिक्षा बीजिंग के जिंगशान स्कूल से ली और बाद में हांगझोउ फॉरेन लैंग्वेज स्कूल में पढ़ाई की, जहां उन्होंने फ्रेंच भाषा सीखी।
साल 2010 में मिंगजे ने अपनी पहचान छिपाकर दूसरे नाम से अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। वहां उन्होंने साइकोलॉजी की पढ़ाई की और 2014 में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की।
सार्वजनिक जीवन से दूरी
शी मिंगजे की सार्वजनिक मौजूदगी बेहद सीमित रही है। 2008 के सिचुआन भूकंप के बाद उन्होंने मियांझू के हानवांग इलाके में एक सप्ताह तक राहत कार्यों में हिस्सा लिया था। इसके अलावा 2013 में वे अपने माता-पिता के साथ शानक्सी प्रांत के यानआन स्थित लिआंगजियाहे गांव में नजर आई थीं, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों को चीनी नववर्ष की शुभकामनाएं दी थीं।
मिंगजे अपनी निजी जिंदगी को हमेशा सुर्खियों से दूर रखती हैं। उनकी प्राइवेसी को लेकर चीन सरकार बेहद सख्त है। 2019 में उनकी निजी जानकारी ऑनलाइन लीक करने के आरोप में एक व्यक्ति को 14 साल की सजा दी गई थी।
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