ईरान की प्रमुख परमाणु साइट नतांज को लेकर शनिवार को बड़ी खबर सामने आई। ईरान के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद नतांज एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया गया। हालांकि, इजराइल ने इस हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है।
इस घटनाक्रम के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। वहीं, रूस ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
रेडियोएक्टिव लीक की नहीं पुष्टि
ईरानी अधिकारियों ने साफ किया है कि नतांज की शाहिद अहमदी रोशन एनरिचमेंट फैसिलिटी में किसी भी तरह के रेडियोएक्टिव मटीरियल के लीक होने की खबर नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साइट के आसपास रहने वाली आबादी सुरक्षित है और किसी तरह का खतरा नहीं है। यह जानकारी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) को भी दी गई है।
IAEA ने भी कहा कि ऑफ-साइट रेडिएशन लेवल में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है। एजेंसी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
IAEA ने संयम बरतने की अपील की
IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई से न्यूक्लियर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि परमाणु साइट्स को निशाना बनाना वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
नतांज साइट क्यों है महत्वपूर्ण
नतांज ईरान की सबसे अहम यूरेनियम एनरिचमेंट साइट्स में से एक है। यह तेहरान से करीब 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।
यह साइट लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय निगरानी में रही है। IAEA इसके संचालन पर नजर रखता है।
जून 2025 में ईरान और इजराइल के बीच 12 दिन की लड़ाई के दौरान भी इस साइट को निशाना बनाया गया था। उस समय कई इमारतों को नुकसान पहुंचा था।
रूस ने किया कड़ा विरोध
रूस ने इस कथित हमले की निंदा करते हुए अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और IAEA नियमों का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले से न सिर्फ नागरिकों की जान को खतरा है, बल्कि रेडियोलॉजिकल और पर्यावरणीय जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
रूस ने संयुक्त राष्ट्र और IAEA से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ सकता है संकट
रूस के अनुसार, ऐसे हमले पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकते हैं। इससे शांति और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरानी ढांचे और उसके समर्थन तंत्र को निशाना बनाएंगे।
अमेरिका का रुख
व्हाइट हाउस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि इजराइल के साथ संघर्ष का एक मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
सैटेलाइट इमेज के अनुसार, हाल के संघर्षों में नतांज साइट को पहले भी नुकसान पहुंचा था। ईरान ने दावा किया था कि उसके अंडरग्राउंड एनरिचमेंट प्लांट पर भी हमला हुआ था।
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