इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। रूट 14,000 टेस्ट रन पूरे करने वाले दुनिया के केवल दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि न्यूजीलैंड के खिलाफ द ओवल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान हासिल की।
इस उपलब्धि के साथ जो रूट ने क्रिकेट इतिहास के सबसे विशिष्ट क्लब में जगह बना ली है। उनसे पहले केवल भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ही टेस्ट क्रिकेट में 14,000 रनों का आंकड़ा पार कर सके थे।
द ओवल में रचा इतिहास
न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में जो रूट को इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए केवल दो रनों की जरूरत थी। दूसरी पारी के सातवें ओवर में उन्होंने एक रन लेकर 14,000 टेस्ट रन पूरे कर लिए।
जैसे ही रूट ने यह मुकाम हासिल किया, द ओवल मैदान पर मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। यह उपलब्धि उनके लंबे और लगातार सफल टेस्ट करियर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
सचिन के बाद दूसरे बल्लेबाज
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 14,000 रन का आंकड़ा बेहद दुर्लभ माना जाता है। सचिन तेंदुलकर ने वर्ष 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी।
तेंदुलकर ने अपने करियर का समापन 15,921 टेस्ट रनों के विश्व रिकॉर्ड के साथ किया था। उन्होंने 200 टेस्ट मैचों की 329 पारियों में यह रिकॉर्ड बनाया था।
अब जो रूट 14,000 रन पूरे करने के बाद सचिन के सर्वाधिक टेस्ट रन के रिकॉर्ड के सबसे करीब पहुंचने वाले सक्रिय बल्लेबाज बन गए हैं।
रूट और सचिन के आंकड़ों की तुलना
जो रूट ने 14,000 टेस्ट रन का आंकड़ा अपने 165वें टेस्ट मैच में छुआ। इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए उन्हें 302 पारियां खेलनी पड़ीं।
वहीं सचिन तेंदुलकर ने 171वें टेस्ट और 279वीं पारी में 14,000 रन पूरे किए थे।
आंकड़ों के अनुसार इस मुकाम तक पहुंचने में सचिन की गति रूट से बेहतर रही, लेकिन रूट के पास अभी भी अपने करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने का अवसर मौजूद है।
सचिन के रिकॉर्ड से कितने दूर हैं रूट?
सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट में 15,921 रन दर्ज हैं। जो रूट अब इस रिकॉर्ड से लगभग 1,922 रन पीछे हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रूट आने वाले वर्षों में अपनी मौजूदा लय बरकरार रखते हैं, तो उनके पास इस रिकॉर्ड को चुनौती देने का अवसर हो सकता है।
हालांकि रिकॉर्ड तक पहुंचने का सफर उनकी फिटनेस, फॉर्म और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता पर निर्भर करेगा।
शानदार फॉर्म में हैं जो रूट
पिछले कुछ वर्षों में जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। कोविड-19 महामारी के बाद उनके बल्लेबाजी प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
रूट ने अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी में बदलाव करते हुए खुद को आधुनिक दौर के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल किया है।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी लाइन-अप में उनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है और टीम की कई बड़ी जीतों में उनका योगदान रहा है।
इंग्लैंड को मिल रहा है अनुभव का लाभ
35 वर्ष की उम्र में भी जो रूट इंग्लैंड की बल्लेबाजी का सबसे मजबूत स्तंभ बने हुए हैं। उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि यदि रूट अगले कुछ वर्षों तक टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं, तो वह कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।
रिकॉर्ड की दौड़ पर रहेगी नजर
जो रूट के 14,000 टेस्ट रन पूरे करने के बाद अब क्रिकेट जगत की नजर उनके अगले लक्ष्य पर रहेगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह सचिन तेंदुलकर के सर्वाधिक टेस्ट रनों के विश्व रिकॉर्ड तक पहुंच पाते हैं या नहीं।
फिलहाल रूट ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए खुद को टेस्ट क्रिकेट के महान बल्लेबाजों की सूची में और मजबूत स्थान दिला दिया है।
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