उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी (SP) ने रामगोपाल यादव के बाद अपने दूसरे उम्मीदवार के नाम का भी ऐलान कर दिया है। पार्टी ने धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। धनराज नथवानी गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के बेटे हैं।
धनराज नथवानी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर और मतगणना 16 अक्टूबर को होनी है।
UP Rajya Sabha Election 2026 में सपा के दो उम्मीदवार
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। धनराज नथवानी के पिता परिमल नथवानी राज्यसभा के सदस्य हैं और उन्हें भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुंचने की जानकारी दी गई है।
धनराज नथवानी का नाम सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर सियासी गतिविधियां बढ़ गई हैं। चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं और इसी वजह से सदन में मौजूद दलों की संख्या महत्वपूर्ण होती है।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है।
निवर्तमान सदस्यों में भाजपा के अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव और बहुजन समाज पार्टी से रामजी गौतम का भी कार्यकाल समाप्त होने वाला है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की सीट पहले ही रिक्त हो चुकी है। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उनका इस्तीफा प्रभावी हुआ था।
निवर्तमान 10 सीटों में से आठ भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास थीं।
विधानसभा में किस पार्टी के पास कितने विधायक?
राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों की स्थिति तय करने में उत्तर प्रदेश विधानसभा का मौजूदा संख्या बल महत्वपूर्ण है। हाल में आगरा की फतेहाबाद सीट से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा गठबंधन के 288 विधायक बताए गए हैं।
इनमें भाजपा के 255 विधायक हैं। इसके अलावा अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल के 9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक शामिल हैं।
सपा के पास 101 विधायक
समाजवादी पार्टी के पास 101 विधायक बताए गए हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों का भी उल्लेख किया गया है।
तीन निर्दलीय विधायकों में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री मनोज कुमार पांडेय का नाम भी शामिल है। ये विधायक पहले समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन बाद में पार्टी से उनके राजनीतिक संबंधों में बदलाव आया।
राज्यसभा चुनाव में संख्या बल की भूमिका
राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के विधायक मतदान करते हैं। इसलिए किसी उम्मीदवार की स्थिति का आकलन करते समय विधानसभा में दलों की संख्या महत्वपूर्ण होती है। उत्तर प्रदेश में 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव इसी संख्या बल के बीच आयोजित होगा।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची और चुनावी गणित की तस्वीर और स्पष्ट होगी। यदि जरूरत पड़ी तो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान कराया जाएगा और 16 अक्टूबर को मतगणना होगी।
6 अक्टूबर तक नामांकन का मौका
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद मैदान में मौजूद उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों का यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मौजूदा सदस्यों के कार्यकाल समाप्त होने के साथ इन सीटों पर नए सदस्यों का निर्वाचन होना है। चुनाव परिणाम के बाद राज्यसभा में उत्तर प्रदेश से दलों के प्रतिनिधित्व में भी बदलाव दर्ज हो सकता है।
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