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देश में मौसम का मिजाज इस समय दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक ओर दक्षिण भारत के कई राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय होकर झमाझम बारिश करा रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत 11 राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। कई इलाकों में हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। वहीं, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

उत्तर भारत में बढ़ेगा गर्मी का प्रकोप

आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में 11 जून तक अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इसका असर दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। दोपहर के समय लू चलने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में हीटवेव का खतरा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 8 जून से राजधानी में हीटवेव की स्थिति बन सकती है। दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक यात्रा से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।

यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बढ़ेगी मुश्किल

उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों के दौरान गर्मी का असर और अधिक बढ़ सकता है। राजस्थान के पश्चिमी जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

दक्षिण भारत में मानसून की मजबूत दस्तक

जहां उत्तर भारत गर्मी से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सक्रिय हो चुका है।

केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में अगले सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम विभाग ने भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा बना हुआ है।

स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और राहत-बचाव की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अंडमान-निकोबार में तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए भी विशेष चेतावनी जारी की है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

आईएमडी ने कहा है कि मौसम की चरम परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। गर्मी वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और दोपहर में धूप से बचना जरूरी है। वहीं, भारी बारिश वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिन देश के कई हिस्सों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। ऐसे में मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट पर लगातार नजर रखना आवश्यक है।

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