दिल्ली विश्वविद्यालय में 19 और 20 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (एन.सी.डबल्यू.ई.बी.) और अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ए.बी.आर.एस.एम.) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगी।
इस कार्यक्रम को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई.सी.एस.एस.आर.) द्वारा प्रायोजित किया गया है। संगोष्ठी का विषय है—
“भारतीय संविधान की बेटियाँ: विकसित भारत @ 2047 की ओर सशक्तीकरण के 75 वर्ष”।
कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकरलाल सभागार में किया जाएगा।
संगोष्ठी का उद्देश्य क्या है?
इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य भारतीय संविधान के निर्माण में योगदान देने वाली महिलाओं को याद करना है। इसके साथ ही उन महान महिलाओं के योगदान को वर्तमान पीढ़ी तक पहुँचाना भी इसका लक्ष्य है।
आजादी के बाद से महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। ऐसे में यह संगोष्ठी महिलाओं के योगदान को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेगी।
इसके अलावा, भारत सरकार के “विकसित भारत @ 2047” अभियान में महिलाओं की भूमिका को भी प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा।
कार्यक्रम में कौन-कौन होंगे शामिल?
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में कई प्रमुख हस्तियाँ शामिल होंगी।
मुख्य अतिथि के रूप में
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श्रीमती सावित्री ठाकुर (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार)
विशिष्ट अतिथि के रूप में
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प्रो. नारायणलाल गुप्ता (अध्यक्ष, ए.बी.आर.एस.एम.)
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प्रो. धनंजय सिंह (सदस्य सचिव, आई.सी.एस.एस.आर.)
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डॉ. विकास गुप्ता (कुलसचिव, दिल्ली विश्वविद्यालय)
कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे
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प्रो. बलराम पाणि (अधिष्ठाता महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय)
साथ ही
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प्रो. गीता भट्ट (राष्ट्रीय सचिव, ए.बी.आर.एस.एम. एवं निदेशक, एन.सी.डबल्यू.ई.बी.)
अन्य गणमान्य अतिथियों की भी रहेगी उपस्थिति
इस संगोष्ठी में कई अन्य प्रमुख व्यक्तित्व भी शामिल होंगे। इनमें शामिल हैं:
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श्री सी. सदानंद मास्टर (राज्यसभा सदस्य)
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प्रो. शशिकला वंजारी (कुलसचिव, एन.आई.ई.पी.ए.)
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प्रो. रजनी अब्बी (निदेशक, दक्षिणी परिसर, दिल्ली विश्वविद्यालय)
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सुश्री मैथिली ठाकुर (लोकसभा सदस्य)
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सुश्री आयुषी दबास (आईएएस अधिकारी)
इन सभी की उपस्थिति कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बनाएगी।
बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण
इस संगोष्ठी को लेकर शैक्षिक जगत में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
अब तक इस कार्यक्रम के लिए 600 से अधिक शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। यह संख्या इस विषय की लोकप्रियता और महत्व को दर्शाती है।
इसके अलावा, एन.सी.डबल्यू.ई.बी. के विभिन्न केंद्रों से शिक्षक और छात्र भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
आयोजन टीम और संयोजक
इस संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए एक मजबूत टीम काम कर रही है।
संयोजक:
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डॉ. प्रेमपाल सिंह
सह-संयोजक:
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डॉ. सुरेन्द्र कुमार
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डॉ. सोनाली चितलकर
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श्री राहुल मिश्रा
इन सभी के प्रयासों से यह कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।
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