ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम दर्शन का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अंतिम संस्कार की नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी। हाल ही में इजराइल और अमेरिका के हमले में 86 वर्षीय खामेनेई के निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है।
ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, खामेनेई की वसीयत के अनुसार उन्हें उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। बुधवार को ईरानी टेलीविजन ने पुष्टि की कि तेहरान में आयोजित होने वाला अंतिम दर्शन समारोह सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दिया गया है।
भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला
तेहरान की इस्लामिक डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन काउंसिल के प्रमुख मोहसेन महमूद ने मीडिया को बताया कि समारोह स्थगित करने का एक बड़ा कारण लाखों लोगों की संभावित मौजूदगी है। अधिकारियों को आशंका है कि अंतिम संस्कार में भारी जनसमूह उमड़ सकता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शोक सभा पर अमेरिका और इजराइल की ओर से संभावित हमले का खतरा भी मंडरा रहा है। इसी वजह से प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
1989 में ईरान के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में लगभग 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे। ऐसे में खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी रिकॉर्ड भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है।
इमाम खुमैनी प्रार्थना कक्ष में होना था विदाई समारोह
इस्लामिक प्रचार परिषद के प्रमुख हुज्जतोलेस्लाम महमूद ने पहले बताया था कि विदाई समारोह तेहरान के इमाम खुमैनी प्रार्थना कक्ष में रात 10 बजे (18:30 GMT) शुरू होगा और तीन दिनों तक चलेगा।
उन्होंने कहा था कि प्रार्थना कक्ष आम लोगों के लिए खुला रहेगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अंतिम दर्शन कर सकें। हालांकि सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए इस कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया गया है।
शनिवार को 86 वर्ष की आयु में हुआ निधन
अयातुल्ला अली खामेनेई का शनिवार को 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह वर्ष 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। उन्होंने 1979 की इस्लामी क्रांति के नेता और ईरान के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी का स्थान लिया था।
ईरान में सर्वोच्च नेता का पद अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। इस पद के पास सरकार की सभी शाखाओं, सेना और न्यायपालिका पर अंतिम अधिकार होता है। साथ ही वह देश के आध्यात्मिक नेता की भूमिका भी निभाता है।
खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने कई राजनीतिक, सैन्य और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना किया। उनका कार्यकाल पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका और इजराइल के साथ तनावपूर्ण संबंधों के लिए भी जाना जाता है।
मशहद में इमाम रजा दरगाह के पास होगा दफन
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि खामेनेई को उनकी अंतिम वसीयत के अनुसार मशहद में इमाम रजा की पवित्र दरगाह के पास दफनाया जाएगा। यह स्थान शिया मुसलमानों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।
मशहद में शिया इस्लाम के आठवें इमाम, इमाम अली इब्न मूसा अल-रिदा की दरगाह स्थित है। खामेनेई का जन्म भी 19 अप्रैल 1939 को मशहद में हुआ था। ‘मशहद’ शब्द का अर्थ ही ‘शहीद की जगह’ होता है।
मंगलवार को ईरान ने आधिकारिक रूप से ऐलान किया था कि सुप्रीम लीडर को मशहद में दफनाया जाएगा, जबकि राजधानी तेहरान में एक बड़ी सार्वजनिक विदाई सभा आयोजित की जाएगी।
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