युवा कुम्भयुवा कुम्भ

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय में रविवार, 26 अप्रैल 2026 को ‘युवा कुम्भ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ झंडेवालान विभाग और पीजी केंद्र, नॉन कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (NCWEB), दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शंकरलाल सभागार में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण और सकारात्मक सामाजिक भागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया और राष्ट्रीय जीवन में युवाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई।

कई प्रमुख अतिथियों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री मोनिका धीर उपस्थित रहीं, जो युवा सहभागिता कार्य, दिल्ली प्रांत से जुड़ी हैं। मुख्य वक्ता के रूप में श्री उत्तम कुमार, सह प्रांत कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, दिल्ली मौजूद रहे।

इसके अलावा कार्यक्रम की संरक्षक प्रो. गीता भट्ट, निदेशक NCWEB एवं राष्ट्रीय महामंत्री, एबीआरएसएम भी उपस्थित रहीं। वहीं झंडेवालान विभाग के विभाग प्रचारक श्री चमन जी और विद्यार्थी कार्यप्रमुख श्री रामेन्द्र जी ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर

कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. गीता भट्ट के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ केवल आपातकालीन परिस्थितियों में सेवा कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र, नागरिक कर्तव्यों, सनातन मूल्यों और मानव धर्म के पालन के लिए निरंतर कार्य करता है।

उन्होंने कहा कि आज के भारत को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जिनमें नेतृत्व, नैतिकता और सामाजिक प्रतिबद्धता हो। इसी उद्देश्य से ‘युवा कुम्भ’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

‘भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, हमारी माता है’

मुख्य वक्ता श्री उत्तम कुमार ने अपने संबोधन में भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि हमारी माता है।

उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण आध्यात्मिक है, लेकिन इसके साथ ही हमारा देश ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध परंपरा से भी जुड़ा रहा है। भारत माता की समृद्धि और विकास के लिए युवाओं को निःस्वार्थ भाव, प्रामाणिकता और नियमित कर्तव्य पालन के साथ आगे आना होगा।

श्री उत्तम कुमार ने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की दूरदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि एक संगठित, सकारात्मक और मूल्यनिष्ठ समाज ही राष्ट्र को नई दिशा दे सकता है।

युवाओं के भौतिक झुकाव पर चिंता

मुख्य अतिथि सुश्री मोनिका धीर ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में युवा वर्ग भौतिक उपलब्धियों के प्रति अधिक आकर्षित दिखाई देता है, जो चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ऊर्जा होते हैं। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा मिले तो मजबूत राष्ट्र निर्माण संभव है। ‘युवा कुम्भ’ जैसे विमर्श युवाओं को वैचारिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

छात्राओं के साथ संवाद सत्र भी हुआ

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

इस दौरान छात्राओं ने संगठन, राष्ट्र सेवा, महिला सहभागिता और सामाजिक कार्यों को लेकर सवाल पूछे, जिनका विस्तार से उत्तर दिया गया।

400 से अधिक छात्राओं ने की भागीदारी

आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 400 से अधिक छात्राओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन पीजी केंद्र के प्रभारी डॉ. प्रेमपाल सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में वैचारिक स्पष्टता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।

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