कोलंबो। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जज्बात है। 15 फरवरी को कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में हुए महा-मुकाबले के बाद अब फैंस के मन में एक ही सवाल है—क्या इस वर्ल्ड कप में ये दोनों टीमें फिर आमने-सामने होंगी? इसका जवाब है ‘हाँ’, और इसके पीछे एक दिलचस्प गणित काम कर रहा है।
सुपर-8 का रास्ता: पाकिस्तान के लिए ‘करो या मरो’
भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सुपर-8 का टिकट पक्का कर लिया है। वहीं, पाकिस्तान की राह थोड़ी कठिन है। पाकिस्तान को सुपर-8 में पहुंचने के लिए अपने अगले मैच में नामीबिया को हर हाल में हराना होगा। अगर पाकिस्तान जीतता है, तो वह ग्रुप-A के पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर रहकर क्वालीफाई कर लेगा।
कैसा होगा सुपर-8 का ग्रुप समीकरण?
अगर सभी दिग्गज टीमें बिना किसी बड़े उलटफेर के आगे बढ़ती हैं, तो सुपर-8 के दो ग्रुप कुछ इस तरह दिख सकते हैं:
| ग्रुप-1 | ग्रुप-2 |
| भारत | इंग्लैंड |
| ऑस्ट्रेलिया | न्यूजीलैंड |
| वेस्टइंडीज | पाकिस्तान |
| दक्षिण अफ्रीका | श्रीलंका |
सुपर-8 में नहीं होगी टक्कर, लेकिन सेमीफाइनल का खुला है रास्ता
नियमों के मुताबिक, सुपर-8 स्टेज पर हर टीम अपने ग्रुप की टीमों से खेलेगी। चूंकि भारत ग्रुप-1 में और पाकिस्तान ग्रुप-2 में रहने की उम्मीद है, इसलिए इस दौरान इनकी भिड़ंत नहीं होगी। भारत का सामना 22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका और 26 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया से हो सकता है।
असली रोमांच सेमीफाइनल में:
अगर भारत अपने ग्रुप-1 में टॉप पर रहता है और पाकिस्तान अपने ग्रुप-2 में दूसरे नंबर पर रहकर सेमीफाइनल में पहुंचता है, तो फैंस को एक बार फिर भारत बनाम पाकिस्तान का हाई-वोल्टेज मैच देखने को मिल सकता है।
फाइनल में महा-मुकाबला?
यदि दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रहती हैं, तो सेमीफाइनल में उनकी भिड़ंत नहीं होगी। ऐसी स्थिति में, अगर दोनों टीमें अपने-अपने सेमीफाइनल जीत जाती हैं, तो 8 मार्च को होने वाले ग्रैंड फिनाले में भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड कप की ट्रॉफी के लिए जंग हो सकती है।
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