Quad Summit 2026: अमेरिका के अटलांटा में 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई अहम फैसलों की घोषणा की। बैठक में आर्थिक सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, 6G तकनीक और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
चारों देशों ने पहली बार क्वाड बिजनेस लीडर्स फोरम बनाने की घोषणा की। इसके अलावा, सुरक्षित AI तकनीक के विस्तार के लिए 8.5 करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता और ई-कचरे से महत्वपूर्ण खनिज निकालने के लिए 1 करोड़ डॉलर की अमेरिकी मदद का भी स्वागत किया गया।
बैठक में नेपाल में बाढ़ के दौरान भारत की राहत भूमिका की सराहना की गई। वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर भी सहमति जताई गई।
क्वाड बैठक 2026 में आर्थिक सहयोग पर बड़ा फैसला
अटलांटा बैठक में चारों देशों ने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। इसके लिए पहली बार क्वाड बिजनेस लीडर्स फोरम स्थापित करने की घोषणा की गई।
पहली बार बनेगा क्वाड बिजनेस लीडर्स फोरम
इस फोरम में चारों देशों के उद्योगपति, सरकारी प्रतिनिधि और नीति विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र और सरकारों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
इसके जरिए महत्वपूर्ण उद्योगों में निवेश और व्यापारिक समझौतों को बढ़ावा देने की योजना है। इससे चारों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा मिल सकती है।
इसके अलावा, 18 नवंबर 2026 को जापान की राजधानी टोक्यो में क्वाड देशों की एक्सपोर्ट क्रेडिट एजेंसियों की बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक 2024 में हुए सहयोग समझौते के आधार पर आयोजित की जाएगी।
चीन की नीतियों पर चिंता, सप्लाई चेन सुरक्षित करने पर जोर
क्वाड देशों ने वैश्विक आर्थिक सुरक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया। साझा बयान में भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने की जरूरत बताई गई।
चारों देशों ने आर्थिक दबाव बनाने और मनमाने निर्यात प्रतिबंधों पर चिंता जताई। साथ ही, कुछ देशों की गैर-बाजार आधारित व्यापार नीतियों और जरूरत से अधिक उत्पादन के प्रभावों का उल्लेख किया।
हालांकि, बयान में किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया। इन टिप्पणियों को चीन की औद्योगिक और व्यापारिक नीतियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
AI तकनीक के लिए 8.5 करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षित और भरोसेमंद AI तकनीक का विस्तार करने पर सहमति जताई।
इसके लिए 8.5 करोड़ डॉलर से अधिक की तकनीकी और वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई। यह सहायता क्वाड AI एक्सीलेरेटर के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य छोटे और विकासशील देशों तक सुरक्षित AI तकनीक की पहुंच बढ़ाना है। इसके साथ ही ‘पैक्स सिलिका’ जैसी पहलों के जरिए तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
ई-कचरे से महत्वपूर्ण खनिज निकालने में भारत को मदद
क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव के तहत महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन सुरक्षित करने पर चर्चा हुई। इस दिशा में अमेरिका ने भारत और आसियान देशों में रीसाइक्लिंग परियोजनाओं के लिए 1 करोड़ डॉलर की तकनीकी सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई।
इस राशि का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक कचरे और स्क्रैप से महत्वपूर्ण खनिज निकालने की क्षमता विकसित करने में किया जाएगा। इससे खनिजों के लिए सीमित देशों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
6G और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर सहयोग
भविष्य की संचार तकनीकों को लेकर भी क्वाड देशों ने अहम प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में 6G तकनीक के नेतृत्व और सुरक्षा से जुड़े प्रस्ताव पर सहमति जताई गई।
Open RAN और चिप सप्लाई पर विशेष ध्यान
चारों देश 5G, 6G और Open RAN जैसी सुरक्षित संचार तकनीकों के विकास में सहयोग करेंगे। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर और AI हार्डवेयर की सप्लाई चेन में संभावित बाधाओं की पहचान करने की पहल की जाएगी।
इसका उद्देश्य चिप निर्माण और तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता को प्रभावित करने वाले जोखिमों को कम करना है।
होर्मुज और लाल सागर में समुद्री सुरक्षा पर सहमति
क्वाड विदेश मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
साझा बयान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य का विशेष उल्लेख किया गया। चारों देशों ने समुद्री मार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा का समर्थन किया।
इसके लिए संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि यानी UNCLOS के सिद्धांतों का भी उल्लेख किया गया।
साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई
बैठक में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी पर भी चर्चा हुई। चारों देशों ने ऐसे आपराधिक नेटवर्क की निंदा की, जो मानव तस्करी के पीड़ितों से जबरन साइबर ठगी करवाते हैं।
क्वाड देशों ने इन गिरोहों के नेटवर्क को खत्म करने और उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता जताई।
नेपाल बाढ़ राहत में भारत की भूमिका की सराहना
क्वाड बैठक में 26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई भीषण बाढ़ का भी जिक्र हुआ। मंत्रियों ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इसके साथ ही संकट के दौरान नेपाल को सहायता पहुंचाने में भारत की भूमिका की सराहना की गई। भारत को शुरुआती राहत पहुंचाने वाले प्रमुख देशों में शामिल बताया गया।
बैठक में नेपाल को चारों क्वाड देशों की ओर से दी गई सहायता का भी उल्लेख किया गया।
समुद्री अभ्यास और आपदा राहत में बढ़ेगा सहयोग
समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में क्वाड देशों ने संयुक्त गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 के बीच चेन्नई से पर्थ तक आयोजित क्वाड-एट-सी शिप ऑब्जर्वर मिशन का उल्लेख किया गया।
इसके अलावा, आगामी सी ड्रैगन 2027 अभ्यास में समुद्री निगरानी सहयोग बढ़ाने की योजना है।
नवंबर 2026 में भारत में प्रस्तावित संयुक्त मानवीय सहायता और आपदा राहत अभ्यास (AJHE-26) में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के पर्यवेक्षकों की भागीदारी भी निर्धारित है।
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