दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय में छात्राओं को उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से उद्यमिता उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उद्गम इनक्यूबेशन सेंटर के इंटरप्रेनयूरियल सेल के तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का विषय “स्टार्टअप्स और उद्यमिता क्यों महत्वपूर्ण हैं: अपनी उद्यमशील यात्रा की शुरुआत” रहा। इसमें छात्राओं को बदलते रोजगार बाजार, स्टार्टअप के अवसर और सफल उद्यमिता के लिए जरूरी रणनीतियों की जानकारी दी गई।
छात्राओं को उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुई। इसके बाद महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) नीलम गोयल ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।
प्राचार्या ने छात्राओं को आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और नए विचारों के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल और क्षमताओं को पहचानने तथा नए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
साकेत मिश्रा ने स्टार्टअप के बदलते अवसरों पर बात की
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री साकेत मिश्रा, विधान परिषद सदस्य, उत्तर प्रदेश रहे। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए रोजगार के बदलते स्वरूप और आर्थिक विकास में स्टार्टअप की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
साकेत मिश्रा ने कहा कि स्थानीय स्तर पर नए उद्यमियों के उभरने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। इससे स्टार्टअप के लिए नए अवसर भी पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बन सकते हैं।
उन्होंने छात्राओं से अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने और उद्यमिता को करियर के विकल्प के रूप में देखने की अपील की।
सफल उद्यमिता के लिए बताए पांच चरण
मुख्य वक्ता ने सफल उद्यमिता के लिए अपना पांच चरणों वाला मंत्र भी छात्राओं के साथ साझा किया। उन्होंने उद्यम शुरू करने से लेकर उसे आगे बढ़ाने तक की प्रक्रिया में लगातार सुधार को महत्वपूर्ण बताया।
योजना से निरंतर सुधार तक
साकेत मिश्रा के अनुसार उद्यमिता की यात्रा में पांच प्रमुख चरण महत्वपूर्ण हैं—
- योजना बनाना
- योजना का प्रभावी क्रियान्वयन
- फीडबैक लेना
- समान उद्देश्यों वाली सक्षम और प्रेरित टीम तैयार करना
- निरंतर सुधार और परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलन
उन्होंने छात्राओं को बताया कि केवल एक अच्छा आइडिया पर्याप्त नहीं है। किसी भी स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए उसके प्रभावी क्रियान्वयन, टीमवर्क और बाजार की बदलती परिस्थितियों के अनुसार बदलाव की क्षमता जरूरी है।
महिला उद्यमिता पर दिया विशेष जोर
कार्यक्रम में महिला उद्यमिता के महत्व पर भी विशेष चर्चा हुई। साकेत मिश्रा ने भारत के आर्थिक विकास में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने छात्राओं को अपने विचारों और प्रतिभा को व्यावसायिक अवसरों में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उद्यमिता का दायरा व्यापक हो सकता है और नए रोजगार के अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं।
छात्राओं ने सवाल-जवाब के जरिए रखे सवाल
मुख्य वक्ता के संबोधन के बाद छात्राओं के साथ संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े विषयों पर सवाल पूछने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। प्रश्नोत्तर सत्र के जरिए विद्यार्थियों ने उद्यम शुरू करने, अवसरों की पहचान और उद्यमशील यात्रा से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।
उद्गम इनक्यूबेशन सेंटर ने बताई अपनी भूमिका
कार्यक्रम के दौरान उद्गम इनक्यूबेशन सेंटर के संयोजक एवं नोडल अधिकारी डॉ. मनीष कुमार सिंह ने केंद्र की गतिविधियों और पहल की जानकारी दी।
उन्होंने छात्राओं को उद्यमिता से जुड़े अवसरों और संस्थान की ओर से उपलब्ध सहयोग के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने समापन टिप्पणी प्रस्तुत की और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की छात्राओं सताक्षी और अनन्या ने किया। आयोजन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
SPM College में उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर
इस कार्यक्रम के माध्यम से श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय में छात्राओं के बीच उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में छात्रों को पारंपरिक रोजगार विकल्पों के साथ उद्यमिता को भी करियर के एक संभावित मार्ग के रूप में समझने का अवसर मिला।
