बंगाल चुनाव 2026बंगाल चुनाव 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर की पार्टी जनता उन्नयन पार्टी (JUP) ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है।

इस पहली सूची में 15 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। हुमायूं कबीर ने यह भी घोषणा की है कि उनकी पार्टी राज्य की 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

ममता बनर्जी के खिलाफ उतारेंगी उम्मीदवार

सबसे बड़ी खबर भवानीपुर सीट को लेकर सामने आई है। यह सीट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की परंपरागत सीट मानी जाती है।

हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी इस सीट से पूनम बेगम को उम्मीदवार बनाएगी। खास बात यह है कि पूनम बेगम गैर-बंगाली मुस्लिम उम्मीदवार हैं।

भवानीपुर सीट पहले से ही हाई-प्रोफाइल मानी जा रही है, क्योंकि यहां बीजेपी की ओर से शुभेंदु अधिकारी भी मैदान में हैं। ऐसे में इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।

AIMIM के साथ गठबंधन के संकेत

हुमायूं कबीर ने यह भी संकेत दिया है कि उनकी पार्टी JUP, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन कर सकती है।

हालांकि अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह गठबंधन मुस्लिम बहुल इलाकों में असर डाल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भवानीपुर में मुस्लिम उम्मीदवार उतारना टीएमसी के वोट बैंक को प्रभावित करने की रणनीति हो सकती है।

खुद दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे हुमायूं कबीर

हुमायूं कबीर खुद भी चुनावी मैदान में उतरेंगे। वे मुर्शिदाबाद जिले की रेजिनगर और नाओदा सीटों से चुनाव लड़ेंगे।

दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने पुराने गढ़ भरतपुर से दूरी बना ली है। भरतपुर सीट से उन्होंने पिछले चुनाव में टीएमसी उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी।

किन उम्मीदवारों को मिला टिकट?

JUP ने मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों की कई सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है।

मालदा जिले से उम्मीदवार:

  • रतुआ: रॉयल इस्लाम

  • मालतीपुर: अब्दुल मिनाज़ शेख

  • बैष्णवनगर: मुस्कुरा बीबी

  • मानिकचक: अबू शाहिद

  • सुजापुर: नसीमुल हक

अन्य प्रमुख उम्मीदवार:

  • भरतपुर: सैयद खुबैब अमीन

  • बेहाला पूर्व: अनुपम रोहदगीर

  • फरक्का: इम्तियाज मोल्ला

  • हरिहरपारा: बिजय शेख

  • पुरबस्थली उत्तर: बापन घोष

  • कंडी: यासीन हैदर

  • बेलडांगा: सैयद अहमद कबीर

मुस्लिम बहुल इलाकों पर खास फोकस

हुमायूं कबीर की रणनीति साफ नजर आ रही है। उनकी पार्टी मुख्य रूप से मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे मुस्लिम बहुल जिलों पर फोकस कर रही है।

इन इलाकों में JUP खुद को एक वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।

विवादों में रहे हैं हुमायूं कबीर

हुमायूं कबीर पिछले साल TMC से निष्कासित किए गए थे। इसके बाद वे कई मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे।

हाल ही में बाबरी मस्जिद को लेकर दिए गए उनके बयान ने बंगाल सहित पूरे देश में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था।

इस विवाद के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता और बढ़ गई है।

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