राजधानी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में विवेकानंद स्टडी सर्किल, स्वदेशी जागरण मंच एवं राजधानी कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती) के अवसर पर “युवा शक्ति से राष्ट्र शक्ति : विवेकानंद जी के विचार” विषय पर एक विचारोत्तेजक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दर्शन पांडेय, मुख्य वक्ता सतीश कुमार (उप-प्रमुख, विवेकानंद केंद्र उत्तर प्रांत), विवेकानंद स्टडी सर्किल के संयोजक डॉ. सोहन लाल सहित अनेक शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्राचार्य द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया।
विवेकानंद स्टडी सर्किल के संयोजक डॉ. सोहन लाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युवा वर्ग स्वामी विवेकानंद के विचारों से निरंतर प्रेरणा ले रहा है। स्वामी विवेकानंद का चिंतन आज न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में पढ़ा और समझा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सभ्यता, जो स्वयं को आधुनिक और सभ्य मानती है, उसे भी आज विवेकानंद जी के विचारों के आलोक में अपने मूल्यों को पुनर्परिभाषित करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर जीवन निर्माण और राष्ट्र निर्माण में अपनाने का आह्वान किया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दर्शन पांडेय ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होते हैं। देश की प्रगति और दिशा तय करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होती है। उन्होंने कहा कि जब तक युवाओं की नसों में स्वामी विवेकानंद के विचार रक्त की भांति प्रवाहित होते रहेंगे, तब तक समाज नैतिक, ऊर्जावान और सशक्त बना रहेगा। उन्होंने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।
मुख्य वक्ता सतीश कुमार ने अपने व्याख्यान में कहा कि स्वामी विवेकानंद जैसे संन्यासी की जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाने के पीछे गहरा उद्देश्य निहित है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1890 में वरंगल मठ से निकलकर उन्होंने पूरे भारत का भ्रमण किया और समाज की वास्तविक परिस्थितियों को निकट से समझा। उन्होंने शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में दिए गए स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख करते हुए युवाओं से विश्वास, चेतना और सेवा—इन तीन संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध कथन “Take the whole responsibility on your shoulder” को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का समापन राजधानी कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष आशीष द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला।
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