दिल्ली विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर प्रो. राकेश कुमार शर्मा को अमेरिका में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 30वें वार्षिक ग्रीन केमिस्ट्री एंड इंजीनियरिंग सम्मेलन (GC&E 2026) में भाग लेने के लिए आधिकारिक आमंत्रण प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत शोध कार्य की अंतरराष्ट्रीय पहचान है, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक समुदाय और दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है।
हरित रसायन (Green Chemistry), सतत विकास (Sustainable Development) और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के क्षेत्र में यह सम्मेलन विश्व के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक माना जाता है। इसमें दुनिया भर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और नीति-निर्माता भाग लेते हैं तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान पर विचार-विमर्श करते हैं।
15 से 18 जून तक अमेरिका में होगा आयोजन
ग्रीन केमिस्ट्री एंड इंजीनियरिंग सम्मेलन 2026 का आयोजन 15 से 18 जून 2026 तक सैन एंटोनियो, टेक्सास (अमेरिका) में किया जाएगा। सम्मेलन का संचालन एसीएस ग्रीन केमिस्ट्री इंस्टीट्यूट (ACS Green Chemistry Institute) द्वारा किया जा रहा है, जो हरित रसायन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी संस्थाओं में शामिल है।
इस सम्मेलन में वैज्ञानिक शोध, औद्योगिक नवाचार और पर्यावरणीय नीतियों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उद्योग, शिक्षा और सरकार के बीच सहयोग को बढ़ावा देना तथा टिकाऊ विकास के लिए नई तकनीकों और समाधानों को प्रोत्साहित करना है।
शोध-सारांश को मिली अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति
प्रो. राकेश कुमार शर्मा को यह आमंत्रण उनके शोध-सारांश “Green Chemistry Network Centre (GCNC) India: Governing Material Change Through Green Chemistry via Industry–Academia Partnerships” के चयन के बाद मिला है।
यह शोध उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग के माध्यम से हरित रसायन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। शोध में बताया गया है कि किस प्रकार उद्योग और विश्वविद्यालय मिलकर पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का विकास कर सकते हैं और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान दे सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह विषय वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और संसाधनों के संरक्षण को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ रही हैं।
एसीएस ग्रीन केमिस्ट्री इंस्टीट्यूट ने दी बधाई
सम्मेलन के आयोजक ACS Green Chemistry Institute ने अपने आधिकारिक आमंत्रण पत्र में प्रो. शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि उनका शोध वैश्विक स्तर पर हरित प्रौद्योगिकी और सतत विकास से जुड़े विमर्शों में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत में विकसित किए जा रहे हरित रसायन मॉडल और उद्योग-शिक्षा सहयोग की पहलें अन्य देशों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती हैं। यही कारण है कि उनके शोध को सम्मेलन में प्रस्तुत करने के लिए चुना गया है।
हरित रसायन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान
प्रो. राकेश कुमार शर्मा लंबे समय से ग्रीन केमिस्ट्री, पर्यावरणीय अनुसंधान और सतत विकास के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में योगदान दिया है तथा पर्यावरण-अनुकूल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
उनका मानना रहा है कि वैज्ञानिक अनुसंधान का उद्देश्य केवल नई खोजें करना नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के लिए उपयोगी समाधान विकसित करना भी होना चाहिए। इसी सोच के कारण उनके शोध कार्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिलती रही है।
भारतीय शोध को मिलेगा वैश्विक मंच
विशेषज्ञों का कहना है कि GC&E 2026 जैसे प्रतिष्ठित मंच पर प्रो. शर्मा की भागीदारी भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान को नई पहचान दिलाने में मदद करेगी। इससे भारत की हरित प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़ी पहलों को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।
साथ ही, यह अवसर भारतीय विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने तथा नई तकनीकों के आदान-प्रदान का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए भी उपलब्धि
दिल्ली विश्वविद्यालय देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शामिल है और यहां से जुड़े वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों ने समय-समय पर वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। प्रो. राकेश कुमार शर्मा का इस सम्मेलन के लिए चयन विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता का भी प्रमाण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी भागीदारी युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को प्रेरित करेगी तथा भारत में हरित रसायन और पर्यावरणीय नवाचार के क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करेगी।
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