महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। Sanjay Raut ने दावा किया है कि आने वाले समय में Nationalist Congress Party (NCP) और Shiv Sena का भविष्य अंततः Bharatiya Janata Party (BJP) में विलय की ओर बढ़ सकता है। इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
संजय राउत का बड़ा दावा
शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए संजय राउत ने कहा कि NCP के दोनों गुटों का एक होना कठिन लगता है। हालांकि, यदि ऐसा होता है तो उन्हें खुशी होगी।
लेकिन असली चर्चा तब शुरू हुई जब राउत ने कहा कि NCP का भविष्य अब केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की राजनीतिक रणनीति पर निर्भर करता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के कुछ नेता वही बयान दे रहे हैं, जो उनसे कहलवाए जा रहे हैं।
क्या शिंदे गुट का भी होगा वही हश्र?
राउत ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री Eknath Shinde के नेतृत्व वाली शिवसेना का भी अंततः बीजेपी में विलय हो सकता है।
उनका कहना है कि महाराष्ट्र में क्षेत्रीय दलों का स्वतंत्र अस्तित्व धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और बीजेपी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
शरद पवार का स्पष्टीकरण
दूसरी ओर, Sharad Pawar ने इन अटकलों को लेकर सफाई दी है।
उन्होंने कहा कि दोनों गुटों के बीच बातचीत जरूर हुई थी, लेकिन इसमें बीजेपी की कोई भूमिका नहीं थी। उनके अनुसार, संभावित एकता पर चर्चा Ajit Pawar और Jayant Patil के बीच हुई थी, न कि Devendra Fadnavis के साथ।
शरद पवार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका ध्यान संगठन को मजबूत करने और सभी नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने पर है।
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