आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ के क्षेत्र में उभरते रुझानों पर केंद्रित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICET-AICS 2026 का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस सम्मेलन का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के रामानुजन कॉलेज द्वारा श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज के सहयोग से किया गया था। समापन सत्र ऑनलाइन आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के विद्वानों, छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन सत्र की अध्यक्षता श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज फॉर वुमन की प्राचार्य और संरक्षक प्रोफेसर नीलम गोयल ने की। उन्होंने सम्मेलन के दोनों दिनों की प्रमुख गतिविधियों और उपलब्धियों का सार प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन ज्ञान के आदान-प्रदान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक प्रभावी मंच साबित हुआ।
इस सम्मेलन को व्यापक स्तर पर सराहना मिली। कुल 41 संस्थानों से 284 पंजीकरण प्राप्त हुए। इनमें 24 विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय के 18 कॉलेज शामिल थे। सम्मेलन में दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), विभिन्न राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs), वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT), सेंट अलॉयसियस कॉलेज और नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिभागियों ने भाग लिया।
ICET-AICS 2026 में कुल 17 ट्रैक पर शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें से 3 ट्रैक ऑफलाइन और 14 ट्रैक ऑनलाइन आयोजित किए गए। इन सत्रों में वैश्विक स्तर के शोध कार्यों को प्रस्तुत किया गया, जिससे प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकी प्रगति की जानकारी मिली। इसके अलावा पोस्टर प्रेजेंटेशन के लिए एक अलग ट्रैक रखा गया, जिसमें 15 शोध प्रस्तुतियां शामिल थीं।
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण कार्डिफ मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, यूके के सीनियर लेक्चरर डॉ. संदीप सिंह सेंगर का मुख्य वक्तव्य रहा। उन्होंने “कंप्यूटर विज़न और डीप लर्निंग में प्रगति” विषय पर विस्तार से चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने एआई तकनीकों के तेजी से हो रहे विकास और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। उनका व्याख्यान प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा।
समापन सत्र का संचालन डॉ. मनीष कुमार सिंह ने किया। वहीं डॉ. आकाश ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन भविष्य में शोध और नवाचार को नई दिशा देंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विज़न और अन्य कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इन तकनीकों के वर्तमान और भविष्य के प्रभावों पर विचार साझा किए। साथ ही, उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
ICET-AICS 2026 ने न केवल अकादमिक जगत को एक मंच प्रदान किया, बल्कि छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को भी अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया। इस प्रकार के आयोजन भविष्य में नई तकनीकों के विकास और उनके सामाजिक उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुल मिलाकर, ICET-AICS 2026 एक सफल और प्रभावशाली सम्मेलन रहा, जिसने एआई और कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ के क्षेत्र में वैश्विक संवाद को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। यह सम्मेलन आने वाले समय में अनुसंधान और नवाचार के नए रास्ते खोलने में सहायक सिद्ध होगा।
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