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फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शानदार शुरुआत के बाद अब फुटबॉल प्रेमियों की नजरें टूर्नामेंट के दूसरे दिन होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं। 12 जून 2026 को दो सह-मेजबान देशों अमेरिका और कनाडा की टीमें अपने अभियान का आगाज करेंगी। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका और पराग्वे के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर हो रही है।

यह मैच सिर्फ एक ग्रुप स्टेज मुकाबला नहीं है, बल्कि फुटबॉल इतिहास का एक खास अध्याय भी है। दोनों टीमें पूरे 96 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप के मंच पर एक-दूसरे के खिलाफ उतरने जा रही हैं। ऐसे में यह मुकाबला दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

96 साल बाद फिर आमने-सामने

अमेरिका और पराग्वे की आखिरी वर्ल्ड कप भिड़ंत साल 1930 में हुई थी। यह फीफा वर्ल्ड कप का पहला संस्करण था और उसी टूर्नामेंट में दोनों टीमें आमने-सामने आई थीं।

1930 के उस ऐतिहासिक मुकाबले में अमेरिका ने पराग्वे को 3-0 से हराया था। यही वह मैच था जिसमें अमेरिकी खिलाड़ी बर्ट पेटेनॉड ने इतिहास रचते हुए फीफा वर्ल्ड कप की पहली आधिकारिक हैट्रिक लगाई थी।

अब लगभग एक सदी बाद दोनों टीमें फिर से विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर भिड़ने जा रही हैं। यही कारण है कि इस मैच को टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में गिना जा रहा है।

लॉस एंजिल्स में खेला जाएगा मुकाबला

USA और पराग्वे के बीच यह मुकाबला लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। स्थानीय समयानुसार मैच 12 जून की शाम 6 बजे शुरू होगा।

भारतीय दर्शक इस मुकाबले का सीधा आनंद 13 जून 2026 की सुबह 6:30 बजे (IST) से उठा सकेंगे। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों टीमों के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहने वाला है।

हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में अमेरिका का दबदबा

अगर दोनों टीमों के बीच खेले गए अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो अमेरिका का पलड़ा भारी दिखाई देता है।

अब तक दोनों देशों के बीच कुल 9 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं। इनमें:

  • अमेरिका ने 5 मैच जीते हैं
  • पराग्वे ने 2 मैच जीते हैं
  • 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं

इन आंकड़ों के आधार पर अमेरिका को बढ़त मिलती नजर आती है। साथ ही घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा भी अमेरिकी टीम को मिलेगा।

पराग्वे को हल्के में लेना नहीं होगा आसान

हालांकि, आंकड़े अमेरिका के पक्ष में जरूर हैं, लेकिन पराग्वे को कमजोर समझना बड़ी भूल साबित हो सकती है।

पराग्वे ने वर्ल्ड कप 2026 क्वालिफायर के दौरान शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने दक्षिण अमेरिकी क्वालिफिकेशन अभियान में कई बड़े उलटफेर किए और मजबूत टीमों को कड़ी चुनौती दी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पराग्वे ने क्वालिफायर में अर्जेंटीना और ब्राजील जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी क्षमता का परिचय दिया। यही वजह है कि टीम आत्मविश्वास के साथ वर्ल्ड कप में उतरेगी।

मेजबान अमेरिका पर होंगी बड़ी उम्मीदें

अमेरिका इस बार अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेल रहा है। ऐसे में टीम पर अच्छा प्रदर्शन करने का अतिरिक्त दबाव भी रहेगा।

अमेरिकी फुटबॉल संघ और प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत करेगी। यदि अमेरिका पहले मैच में जीत दर्ज करता है तो आगे के मुकाबलों के लिए उसका आत्मविश्वास और बढ़ सकता है।

कनाडा भी करेगा अभियान की शुरुआत

वर्ल्ड कप के दूसरे दिन एक अन्य महत्वपूर्ण मुकाबले में सह-मेजबान कनाडा का सामना बोस्निया और हर्जेगोविना से होगा। कनाडाई टीम भी अपने घरेलू समर्थकों के बीच सकारात्मक शुरुआत करने की कोशिश करेगी।

इस प्रकार टूर्नामेंट के दूसरे दिन फुटबॉल प्रशंसकों को कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

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